किस्मत के पैरों तले रोंदा रेत का इक दाना हूँ में
सैंकड़ों इन दानों में दबा इक रेत का दाना हूँ में
तेरे इस रोशनियों में जला इक रेत का दाना हूँ में
जल के इक आइयेने सा चमका रेत का इक दाना हूँ में
हज़ारों टुकड़ों में तोडा इक आइयेना हूँ में
बस दूसरों के अक्स से भरा इक आइयेना हूँ में
मेरा क्या वजूद के किस्मत के पैरों तले रोंदा इक टूटा आइयेना हूँ में
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