Thursday, March 19, 2009

केढा चूल्हा नहियों जलया,
अंगारां वर्गे जल्दे दिल,
फुक्दे सी सारे कंडे पाके,
बालां सबदे झुलस्दे सी,
तपदे हाथां ने परसदा बंटया,
सांझे चूल्हे किथे सी,
मक्की वर्गी मैं पकदी सी,
लस्सी रिद्की ख़ुद वि रिद्की,
आसुओं दा नमक मिलांदी सी,
की करदी की न करदी मैं किथे जान्दी सी,
दित्ते तेरे कम नु बस करदी जांदी सी
पौ फट्टे कन्देयाँ वर्गान जल्दी सी
रति उन अंगारां नु ठंडे कर के मर जांदी सी

Monday, March 16, 2009

तेनु अवाजां लांदी हाँ
मैं कल्ली की करदी
तेरी ज़रूरत मेनू
तू न होंदा ते मैं की करदी
छड्या जग नु मैंने
कल्ली मैं की करदी
दुआवां रोज मंगदी हाँ
ऐ जिस्म मैनू छड़ दे
इन सासां नु फड के
किथे कैद कर दे
यादां भैडी नि मेरियाँ
उनु ख़त्म कर दे
दे दे इक आवाज़ मैनू
रहम कर दे
सब छड़ चल्ली आई हाँ तेरे कोल
कुछ ते सबर कर ले
बिछडे दिलं नु फ़िर
तू इक कर ले
तेनु अवाजाँ लांदी हाँ
मैं कल्ली की करदी
तेरी ज़रूरत मेनू
तू न होंदा ते मैं की करदी

Sunday, March 15, 2009

दिल में बसी हैं, तेरी ही यादें,
आशिक सा मैं हूँ, दुआओं में तू
आखों में तेरी, मेरी ही सूरत
बाकी है अब भी, तेरी आरज़ू
कुछ तो बता दे, क्या कमी है
खामोश सी क्यों है, क्या है जुस्तजू
छोड़ो यह बातें, बाँहों में आके
दिल में समाके, बस जा तू
फैला दे जुल्फें, आँचल सी तेरी
तुझ से लिपट के, महकी सी बातें सुनूँ
उन आसुओं में बह न जाऊं
उन घटाओं में साथ उडूं
आ जाओ मेरी जान ऐ तमन्ना
दिल में हैं जो बातें, तुझसे करुँ

Friday, March 13, 2009

कल की कुछ आदत ऐसी लगी के मैं आज को भूल गया
जमा करता रहा सब कुछ बस अपनी हालत भूल गया
वो पूँजी छिन चुकी है बार बार
जाने मैं आज भी ख़ुद को छुपाना भूल गया

Thursday, March 12, 2009

रोशिनी होगी उन अंधेरों की कभी कहते हैं
मुझे अंधेरों के सिवा कुछ दिखता ही नहीं
हर कदम पे साथ रहेगा कहते हैं
ठोकरों के सिवा कुछ मिला ही नहीं
सर्वज्ञानी वो खुदा कर्म साथी सबका कहते हैं
एक टुक कर्म करता रहा पर साथ मिला ही नहीं
बंधा तेरा नसीब तेरे नाम से कहे वही लोग
सन्नाटों के सिवा कुछ सुनाई देता ही नहीं
अंध विश्वासी वो लोग, रास्ता दिखाए वो जो उन्हें फला ही नहीं
अंध विश्वासी मैं जिसने दिल की कभी सुनी ही नहीं

Monday, March 2, 2009

नज़र उठा, कदम बढ़ा
ज़िन्दगी के रस्ते हुए शुरू अभी
नज़र उठा, कदम बढ़ा
मंजिलें मिली नहीं मुझे अभी

किसका वास्ता, अपना रास्ता
मुश्किलें ख़तम हुई नहीं है अभी
जरा मुस्कुरा, खिल ज़रा
के इन आसुओं में खुशी थी कभी

यह बता, क्या हुआ
उठे थे तूफ़ान यहाँ कई
तू जगमगा, उड़ ज़रा
इन हवाओं में है उमंग अभी

न घबरा, फ़िर दोबारा
मिलेगी कामयाबी तुझे कभी
खुल ज़रा, मिल ज़रा
दिखेगी वो रोशिनी फ़िर कभी

चल ज़रा, उछल ज़रा
चाहतें है कई अभी
फ़िर ज़रा, होसला बढ़ा
तेरी तकदीर बदलेगी कभी

नज़र उठा, कदम बढ़ा
ज़िन्दगी के रस्ते हुए शुरू अभी
नज़र उठा, कदम बढ़ा
मंजिलें मिली नहीं मुझे अभी