इक अजनबी, झोंका सा बन आकर चला गया
अपने होने का एहसास दिला कर चला गया
धुन्दला सा चेहरा दिखा कर कुछ लम्हे
मुलाकात के बढा कर चला गया
क्या चाहता था, जानता नहीं
लेकिन वो मेरे वजूद का हिस्सा बनकर चला गया
तोड़ गया इक टहनी
अपने से जोड़ते चला गया
उसके वजूद का हिस्सा क्या मैं
मेरे वजूद का हिस्सा क्या वो
बे-एहसास वो आया था
बे-एहसास वो चला गया
Wednesday, May 27, 2009
Tuesday, May 19, 2009
Friday, May 15, 2009
बीती बातों,
बहकी बातें,
कैसी बातें,
तुझे मैं क्या बताऊँ
उलटी सीधी,
वो मुलाकातें कैसे मैं याद दिलाऊँ
वो खामोशी,
वो मुस्कुराहटें कैसे मैं वापिस लाऊँ
बीती बातों,
बहकी बातें,
कैसी बातें,
तुझे मैं क्या बताऊँ
भूली भुलाई,
वो सौगाते रातों की वो बरसातें,
को कैसे मैं भुलाऊँ
छुपती छुपाती,
वो मुलाकातें,
मिलती बिछ्ड्ती उन नज़रों को कैसे भुलाऊँ
आती जाती,
वो यादें,
उभरती बहती,
वो चाहतों को कैसे मैं भुलाऊँ
बीती बातों,
बहकी बातें,
कैसी बातें,
तुझे मैं क्या बताऊँ
बहकी बातें,
कैसी बातें,
तुझे मैं क्या बताऊँ
उलटी सीधी,
वो मुलाकातें कैसे मैं याद दिलाऊँ
वो खामोशी,
वो मुस्कुराहटें कैसे मैं वापिस लाऊँ
बीती बातों,
बहकी बातें,
कैसी बातें,
तुझे मैं क्या बताऊँ
भूली भुलाई,
वो सौगाते रातों की वो बरसातें,
को कैसे मैं भुलाऊँ
छुपती छुपाती,
वो मुलाकातें,
मिलती बिछ्ड्ती उन नज़रों को कैसे भुलाऊँ
आती जाती,
वो यादें,
उभरती बहती,
वो चाहतों को कैसे मैं भुलाऊँ
बीती बातों,
बहकी बातें,
कैसी बातें,
तुझे मैं क्या बताऊँ
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