रिश्ते सिर्फ खुशियों से बनते अगर
तो रिश्ते ही न होते
टूटे उन सपनों को बाँधने को
इन दर्द भरे एहसासों के नगमे भी न होते
करते न बयां यूं तहरीक ऐ जिंदगी
हम भी कुछ ऐसे लिख रहे न होते
तो रिश्ते ही न होते
टूटे उन सपनों को बाँधने को
इन दर्द भरे एहसासों के नगमे भी न होते
करते न बयां यूं तहरीक ऐ जिंदगी
हम भी कुछ ऐसे लिख रहे न होते
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