बीती बातों,
बहकी बातें,
कैसी बातें,
तुझे मैं क्या बताऊँ
उलटी सीधी,
वो मुलाकातें कैसे मैं याद दिलाऊँ
वो खामोशी,
वो मुस्कुराहटें कैसे मैं वापिस लाऊँ
बीती बातों,
बहकी बातें,
कैसी बातें,
तुझे मैं क्या बताऊँ
भूली भुलाई,
वो सौगाते रातों की वो बरसातें,
को कैसे मैं भुलाऊँ
छुपती छुपाती,
वो मुलाकातें,
मिलती बिछ्ड्ती उन नज़रों को कैसे भुलाऊँ
आती जाती,
वो यादें,
उभरती बहती,
वो चाहतों को कैसे मैं भुलाऊँ
बीती बातों,
बहकी बातें,
कैसी बातें,
तुझे मैं क्या बताऊँ
No comments:
Post a Comment