A few words strung together that made sense to me.
Wednesday, February 25, 2009
कुछ लोग कहते हैं की हम आप बिता लिखा करते हैं उन्हें क्या पता हकीकत और ख्वाबों में फासला क्या है उम्र गुज़री है दर्द - ऐ - हकीकत में कुछ पल हम उन खुशनुमा खयालातों में बिताया करते हैं
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