A few words strung together that made sense to me.
चक्र यह ज़माने से चलता रहाख़त्म न हुई घड़ी इंतज़ार की बहुत ही अच्छा लिखा है चंद पंक्तियों अटूट बन्धनों को खूबसूरती से पिरोया है आपने अक्षय-मन
चक्र यह ज़माने से चलता रहा
ReplyDeleteख़त्म न हुई घड़ी इंतज़ार की
बहुत ही अच्छा लिखा है चंद पंक्तियों अटूट बन्धनों को खूबसूरती से पिरोया है आपने
अक्षय-मन