Monday, December 15, 2008

सवाल

कुछ तो था जो तुम यूं मुह फेर गए
कुछ तो था जो तुम रिश्तों के धागे उधेड़ गए
टूट सको तुम यूं मुमकिन ही नहीं
कुछ तो था जो तुम यूं मुह फेर गए

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