Saturday, November 15, 2008

खुश रहो

खुशियाँ तुझे दे खुदा हर मोड़ पर
दे दे मुझे तेरी हर तकलीफ
मिले तुझे हर ख्वाब तेरा
ले ले अब मेरी तकदीर

मिलें हमेशा जो तेरा दिल चाहे
ना मिले कोई गम
मिले बरकत तेरे हातों को
बे-दाग़ रहें तेरे कर्म

दे इज्ज़त बुजुर्गों को हमेशा
इबादत न भूलना
रहाइश गह को मकान बनाना
मेहमानों को न भूलना

माना बहुत कुछ बोल गया हूँ
पर ख़ुद को मसरूफ रखना
करना जो मानिंद हो तुझे
बस दूसरों का ख्याल रखना

जो हुए तकलीफ
कह देना दुआ करता हूँ
खुश रहना हमेशा प्यारी बहना
अब चलो, अलविदा कहता हूँ

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