A few words strung together that made sense to me.
चाह बिना तड़प कैसीरह बिना झड़प कैसीइन उदासियों का साथ नहींतो रहत कैसी
कट जाएँगी कई उम्रेंमिलेगी खुशी और गम भीजो ना मिला इल्म खुशी कातो दर्द की इन्तहा ही सही
तड़प चाह बिना तड़प कैसीरह बिना झड़प कैसीइन उदासियों का साथ नहींतो रहत कैसी कट जाएँगी कई उम्रेंमिलेगी खुशी और गम भीजो ना मिला इल्म खुशी कातो दर्द की इन्तहा ही सही....kyaaa bbbaaat hai....!! Waah..!..Bilkul sahi farmaaya...!
तड़प
ReplyDeleteचाह बिना तड़प कैसी
रह बिना झड़प कैसी
इन उदासियों का साथ नहीं
तो रहत कैसी
कट जाएँगी कई उम्रें
मिलेगी खुशी और गम भी
जो ना मिला इल्म खुशी का
तो दर्द की इन्तहा ही सही
....kyaaa bbbaaat hai....!! Waah..!
..Bilkul sahi farmaaya...!