Wednesday, November 26, 2008

तू है तो मोहब्बत भी है

हर धड़कन पे जो नब्ज़ चले, तेरे ख्याल के आने पे
हर उलझन येही कहती है, तू है तो मोहब्बत भी है

रूकती क्यों धड़कनें, तेरे आने पे
हर साँस कहती है, तू है तो मोहब्बत भी है

कमबख्त कातिल सी लगे तू, तेरे चले जाने पे
आँसू की हर बूँद कहती है, तू है तो मोहब्बत भी है

चूर कर देती है सन्नाटों को, तेरी क़दमों के आहट
तेरी पायल की झंकार बता देती है, तू है तो मोहब्बत भी है

गले लगाने के ख्वाइश न मंज़ूर, तेरी तस्वीर ही सही
तेरे बालों में फूलों की खुशबू कह देती है, तू है तो मोहब्बत भी है

रूठ के यूं चले जाना, तेरा नया अंदाज़
तेरी जुदाई कहती है, तू है तो मोहब्बत भी है

रुखसत हुई तू बन किसी और की, तेरी यादें ही सही
तुझे मंज़ूर हुआ जो, वो है तो मोहब्बत भी है

गम के इस एहसास को, तेरी जुदाई ने दिया
दर्द में गुज़रे यह पल कहते हैं, तू है तो मोहब्बत भी है

1 comment:

  1. Janab, Kya khub likha hai aapane Mohabbat ke bare me | Maza aa gaya !

    -Umesh

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